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Chanakya Niti

चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Chapter-3

कस्य दोषः कुले नास्ति व्याधिना को न पीडितः ।व्यसनं केन न प्राप्तं कस्य सौख्यं निरन्तरम् ॥ (3. 1) इस दुनिया मे ऐसा किसका घर है जिस पर कोई कलंक नहीं, वह कौन है जो रोग और दुख से मुक्त है.सदा सुख किसको रहता है? In this world, whose family is there without blemish? Who is […]

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चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Chapter-2

अनृतं साहसं माया मूर्खत्वमतिलोभिता ।अशौचत्वं निर्दयत्वं स्त्रीणां दोषाः स्वभावजाः (2. 1) झूठ बोलना, कठोरता, छल करना, बेवकूफी करना, लालच, अपवित्रता और निर्दयता ये औरतो के कुछ नैसर्गिक दुर्गुण है। Untruthfulness, rashness, guile, stupidity, avarice, uncleanliness and cruelty are a women’s seven natural flaws. भोज्यं भोजनशक्तिश्च रतिशक्तिर्वराङ्गना ।विभवो दानशक्तिश्च नाल्पस्य तपसः फलम् ॥ (2. 2) भोजन […]

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चाणक्य नीति (Chanakya Niti) chapter-1

प्रणम्य शिरसा विष्णुं त्रैलोक्याधिपतिं प्रभुम् ।नानाशास्त्रोद्धृतं वक्ष्ये राजनीतिसमुच्चयम् ॥ (1. 1) तीनो लोको के स्वामी सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु को नमन करते हुए मै एक राज्य के लिए नीति शास्त्र के सिद्धांतों को कहता हूँ. मै यह सूत्र अनेक शास्त्रों का आधार ले कर कह रहा हूँ। Humbly bowing down before the almighty Lord Sri Vishnu, […]