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Bhagwad Gita

श्रीमद्भगवद्गीता-दशवाँ अध्याय-विभूति योग(Bhagwad Gita Chapter-10)

(भगवान की ऎश्वर्य पूर्ण योग-शक्ति)श्रीभगवानुवाचभूय एव महाबाहो श्रृणु मे परमं वचः ।यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया ॥ (१)भावार्थ : श्री भगवान्‌ ने कहा – हे महाबाहु अर्जुन! तू मेरे परम-प्रभावशाली वचनों को फ़िर से सुन, क्योंकि मैं तुझे अत्यन्त प्रिय मानता हूँ इसलिये तेरे हित के लिये कहता हूँ। (१)न मे विदुः सुरगणाः प्रभवं न महर्षयः […]