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Chanakya Niti

चाणक्य नीति (Chanakya Niti) chapter-13

मुहूर्तमपि जीवेच्च नरः शुक्लेन कर्मणा ।न कल्पमपि कष्टेन लोकद्वयविरोधिना ॥ (13. 1) यदि आदमी एक पल के लिए भी जिए तो भी उस पल को वह शुभ कर्म करने में खर्च करे. एक कल्प तक जी कर कोई लाभ नहीं. दोनों लोक इस लोक और पर-लोक में तकलीफ होती है. A man may live but […]

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चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Chapter-6

श्रुत्वा धर्मं विजानाति श्रुत्वा त्यजति दुर्मतिम् ।श्रुत्वा ज्ञानमवाप्नोति श्रुत्वा मोक्षमवाप्नुयात् ॥ (6. 1) श्रवण करने से धर्मं का ज्ञान होता है, द्वेष दूर होता है, ज्ञान की प्राप्ति होती है और माया की आसक्ति से मुक्ति होती है. By means of hearing one understands dharma, malignity vanishes,knowledge is acquired, and liberation from material bondage is […]

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चाणक्य नीति (Chanakya Niti) chapter-5

Chanakya Niti (चाणक्य नीति) गुरुरग्निर्द्विजातीनां वर्णानां ब्राह्मणो गुरुः ।पतिरेव गुरुः स्त्रीणां सर्वस्याभ्यागतो गुरुः ।। (5. 1) ब्राह्मणों को अग्नि की पूजा करनी चाहिए . दुसरे लोगों को ब्राह्मण की पूजा करनी चाहिए . पत्नी को पति की पूजा करनी चाहिए तथा दोपहर के भोजन के लिए जो अतिथि आये उसकी सभी को पूजा करनी चाहिए. […]

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चाणक्य नीति (Chanakya Niti) chapter-4

आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च ।पञ्चैतानि हि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः ॥ (4. 1) निम्नलिखित बातें माता के गर्भ में ही निश्चित हो जाती है…. १. व्यक्ति कितने साल जियेगा २. वह किस प्रकार का काम करेगा ३. उसके पास कितनी संपत्ति होगी ४. उसकी मृत्यु कब होगी . These five: the life-span, […]

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चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Chapter-2

अनृतं साहसं माया मूर्खत्वमतिलोभिता ।अशौचत्वं निर्दयत्वं स्त्रीणां दोषाः स्वभावजाः (2. 1) झूठ बोलना, कठोरता, छल करना, बेवकूफी करना, लालच, अपवित्रता और निर्दयता ये औरतो के कुछ नैसर्गिक दुर्गुण है। Untruthfulness, rashness, guile, stupidity, avarice, uncleanliness and cruelty are a women’s seven natural flaws. भोज्यं भोजनशक्तिश्च रतिशक्तिर्वराङ्गना ।विभवो दानशक्तिश्च नाल्पस्य तपसः फलम् ॥ (2. 2) भोजन […]

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चाणक्य नीति (Chanakya Niti) chapter-1

प्रणम्य शिरसा विष्णुं त्रैलोक्याधिपतिं प्रभुम् ।नानाशास्त्रोद्धृतं वक्ष्ये राजनीतिसमुच्चयम् ॥ (1. 1) तीनो लोको के स्वामी सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु को नमन करते हुए मै एक राज्य के लिए नीति शास्त्र के सिद्धांतों को कहता हूँ. मै यह सूत्र अनेक शास्त्रों का आधार ले कर कह रहा हूँ। Humbly bowing down before the almighty Lord Sri Vishnu, […]