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Bhagwad Gita

श्रीमद्भगवद्गीता-नौवाँ अध्याय- राज विद्या राज गुह्यः योग(Bhagwad Gita Chapter-9)

(सृष्टि का मूल कारण)श्रीभगवानुवाचइदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे ।ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्‌ ॥ (१)भावार्थ : श्री भगवान ने कहा – हे अर्जुन! अब मैं तुझ ईर्ष्या न करने वाले के लिये इस परम-गोपनीय ज्ञान को अनुभव सहित कहता हूँ, जिसको जानकर तू इस दुःख-रूपी संसार से मुक्त हो सकेगा। (१) राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम्‌ ।प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं […]

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श्रीमद्भगवद्गीता-प्रथम अध्याय-अर्जुनविषादयोग (Bhagwad Gita chapter-1)

(The Yoga of Dejection of Arjuna) (योद्धाओं की गणना और सामर्थ्य) (Description of the principal warriorson both sides with their fighting qualities.) धृतराष्ट्र उवाचधर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः ।मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय ॥ (१)भावार्थ : धृतराष्ट्र ने कहा – हे संजय! धर्म-भूमि और कर्म-भूमि में युद्ध की इच्छा से एकत्र हुए मेरे पुत्रों और पाण्डु के […]